Saturday, 3 March 2018
Thursday, 1 March 2018
होली है ।
जो हो ली
जो बीत गया, सो बीत गया।
जो हो चुका, सो हो चुका।
रात को अंधकार मे जलाते है
रोशनी मे मनाते है
खुशी के रंगों की होली।
पुरानी दुषित द्वेषपूर्ण
होली है।
अग्नि से उपजी प्रेमपूर्ण
भावनाओ से ओतप्रोत,
संग का रंग लगाते है
उत्साह और उमंग का
गुलाल और अबीर लगाते है
प्रेम की एक नयी सुप्रभात
का त्योहार है होली।
होली सो होली।
जो बीत गया. सो बीत गया।
होली है! होली
अमित
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