Pages

Sunday, 4 September 2016

शिक्षक दिवस (Teacher's Day)





शिक्षक दिवस ,
 एक संकल्प का दिवस
शिक्षकों के प्रति ,
आभार का दिवस
शिक्षाओं को...
धारण करने का दिवस
समय का एक चक्र पूरा हुआ,
मंजिल आयी।
बधाई है! बधाई है! बधाई है!

एक संकल्प का पर्व  
संकल्प पर कुछ 
दान नहीं करोगे
मित्र!
देने को कुछ नही हैं?
तुम्हारे पास
कृपण ना बनोंमित्र!
असत्य मत कहों
मुझ से भी और 
अपने आप से भी,
ऐसा कोई नहीं
जिसके पास देने को कुछ नहीं!

न सही लौकिक सम्पदा
ज्ञान का, सेवा का कोष तो है
उसी में से मुक्त हस्त लुटाओ।
हाँलुटाने से 
कोष मे वृद्घि होती है
दिन दुगनी रात चौगुनी।

प्यार का एक मीठा बोल
सांत्वना का एक बोल
सेवा का एक पल
सहारे का एक तिनका
आँखों में अपनेपन का
मौन संकेत
भंवर में फँसी नाव को भी
किनारे लगा देता हैं दोस्त !
सहमों हिचको मत
बहुत काम बाकी पड़ा हैं!
वातायन के पट् खोलों
किरणों को भीतर आने दो
खुले आसमान के नीचे आओ
देखोंमंजिल आयी हैं
बधाई है! बधाई है! बधाई है!

अमित
    मेरी कविता स्वरचित व मौलिक है।




No comments:

Post a Comment

प्रवासी मजदूर!

प्रवासी कौन है ? प्रवासी का शाब्दिक अर्थ है जो अपना क्षेत्र छोड़ काम धंधे के लिये, एक क्षेत्र से दूसरे क्षेत्र में  में निवास करता है अर्थात...