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Thursday, 1 March 2018

होली है ।



होलीयानी कि
जो हो ली
जो बीत गयासो बीत गया। 
जो हो चुकासो हो चुका। 
रात को अंधकार मे जलाते है
रोशनी मे मनाते है
खुशी के रंगों की होली।

पुरानी दुषित द्वेषपूर्ण
स्मृतियों को दहन करना ही
होली है।

अग्नि से उपजी प्रेमपूर्ण
भावनाओ से ओतप्रोत,
संग का रंग लगाते है
उत्साह और उमंग का
गुलाल और अबीर लगाते है
प्रेम की एक नयी सुप्रभात 
का त्योहार है होली।

होली सो होली। 
जो बीत गया. सो बीत गया। 
होली है! होली 



अमित

Monday, 18 December 2017

मन !

मन !



मन तो बच्चा है
कैसा ?
अबोध
चंचलनटखट
जो मेरी बात मानता ही नहीं
तो फिर कोई क्यों?
मेरी बात माने !

मन को आवश्यकता है
दुलार की वात्सल्य की
सर्वकार्यो के साथ-साथ
माँ की प्राथमिकता है
अपना बच्चा
मेरी प्राथमिकता !
मेरा अपना मन... 

मन पर सकारात्मक नियंत्रण
मन से उपजी भावनाओं,
संवेगोंआवेगों का 
स्वतशुद्ध आचरण
जैसे माँ की मीठी लोरी
से शान्त होता बच्चा
वैसे ही मेरा अपना मन 
स्वयं की थपकी से शांत 
पवित्र निर्मल होता 
मेरा मन !

अमित


https://notionpress.com/read/vicharon-ki-avruti




Saturday, 23 September 2017

बेटियाँ- मेरी बेटियाँ


मेरी बेटियों  
प्रफुल्लित जीवन में
अमित सुमन
पल्लवित हो आपके, मेरी बेटियों
अरुषा, नोकेशा, काव्या
पहचान  बनो तुम हमारी
अपने अम्मा-बाबा की
मम्मी –पापा की
चाचा –चाची की
प्रेरणा बनो , आदर्श बनो
अपने भाइयों की
अभिलाषा है मेरी।
नहीं कोई अंतर
बेटा- बेटियों में
संतान सब एक समान
अधिकार है एक समान
फिर क्यों पीछे है?
बेटियाँ !
शायद एक सोच के कारण !
बदलो इस सोच को...
बेटियों.....
भेदना है समाज की कुरीतियों के
इस चक्रव्यूह को
मर्यादा, संयम व संतुलन के साथ
तथास्तु।  
सत्य  के साथ सहयोग है
मेरा सदैव
आयुष्मान भव:, आयुष्मान भव: 

अमित 

Monday, 14 August 2017

15 अगस्त

 15 अगस्त





वार्षिक उत्सवराष्ट्रीय पर्व,
उमंग  उत्साह का पर्व है ।
शहीदो को नमन का त्यौहार है ।
स्वतन्त्रता दिवस ।
समय का एक चक्र पूर्ण हुआ,
मंजिल आई  है,
शुभकामनाएँ-शुभकामनाएँ ।


यह सत्य है कि,
हम हजारों मील चले हैं,
लाखो मील चलना,
अभी शेष है?
भाषण व उद्घोषणा का पर्व नहीं ,
शहीदों के सपने साकार,
करने का दिवस है ।
स्वतन्त्रता दिवस ।

एक संकल्प का पर्व है,
विविधताओं में एकता का पर्व है,
मत-भेद भुला प्रेम का पर्व है,
एक नव संकल्प का पर्व है,
स्वतन्त्रता दिवस ।

कुछ मौलिक अधिकार वर्णित है,
परन्तु कर्तव्य भी वर्णित है ।
उनके प्रति समर्पित रहना
मेरा धर्म ही नही दायित्व भी है ।
प्रत्येक कार्य मे देश हित
सर्वोपरि अभिलाषा है,
स्वच्छ पर्यावरण अच्छा है,
बहुत अच्छा है,
विचारों की स्वच्छता भी,
अत्यन्त आवश्यक है ।

बहुत काम अभी शेष है ।
बन्धुओं!
  
सपनों को सप्राण करने हेतु
विकास चक्र की गति बढ़ानी है ।
गति बढ़ाने में अन्तिम ईकाई
की सेवा का योगदान...
उतना ही महत्वपूर्ण है जितना कि,
प्रथम इकाई के हस्ताक्षर!

महायज्ञ में जो उपेक्षित है
उभार देप्यार दे, सवाँर दे,
देखो
सुप्रभात की किरण आई  है!
शुभकामनाएँ-शुभकामनाएँ...

अमित  

प्रवासी मजदूर!

प्रवासी कौन है ? प्रवासी का शाब्दिक अर्थ है जो अपना क्षेत्र छोड़ काम धंधे के लिये, एक क्षेत्र से दूसरे क्षेत्र में  में निवास करता है अर्थात...